युवास्थान क्या है?

युवास्थान’, एक मुहिम है, जिसका उद्देश्य राजस्थान के युवा को जागरूक करना और यह जानना है की वह अगले 10 साल बाद के राजस्थान में क्या – क्या बदलाव चाहते हैं।

युवाओं के लिए यह एक सुनहरा अवसर है, जिसके अंतर्गत वे स्वरचित नीतियां राजस्थान के नेताओं के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।


यदि आप अपने राज्य की दुर्दशा से त्रस्त हैं और इसके बारे में कुछ करना चाहते हैं, तो आज ही युवास्थान से जुड़े!


अगले 10 वर्षो में राजस्थान कैसा होना चाहिए ?


यदि आपके पास इसका जवाब है, तो क्यों ना पूरे राजस्थान को बताया जाए?




निम्न विषयों पर राजस्थान के मौजूदा हालात देखते हुए अपनी नीतियां बनायें:


1. स्वास्थ्य एवं चिकित्सा

आज केरल में कुपोषण से होने वाली शिशु मृत्यु दर सबसे कम है,वही राजस्थान में यह दर बहुत ज्यादा है. आइए कुछ ऐसी नीतियां बनाये जिससे राजस्थान में भी इस दर को नीचे लाया जा सके और राजस्थान में स्वास्थ्य और चिकित्सा को सुधारा जा सके।


2. बेरोज़गारी

आज उड़ीसा रोजगार देने में सबसे आगे है क्योंकि वहां की सरकार ने जीवन यापन के लिए बहुत सारी योजनाओ की पहल कर रखी है राजस्थान बेरोज़गारी में सबसे आगे है. आओ कुछ ऐसी नीतियां बनाएं जिससे राजस्थान बेरोज़गारी से रोज़गार में पहले स्थान पर आ जाए.


3. गरीबी

आज केरल गरीबी रेखा में सबसे नीचले पायदान पर है क्योंकि उसने अपने राज्य में मानव संसाधन प्रबंधन के लिए बहुत सारी योजनाओं की पहल कर रखी है. आओ हम कुछ ऐसी नीतियां बनाये की राजस्थान को भी गरीबी रेखा में निचले पायदान पर ला सके.

4. कन्या भ्रूण हत्या/ लिंगानुपात

कन्या भ्रूण हत्या हमारे प्रदेश का एक अहम् मुद्दा है , जिसके कारण लिंगानुपात में भी हम बहुत पिछड़ गए है. आओ कुछ ऐसी नीतियां बनाये जिससे हम इन हत्याओं पर रोक लगाए और हमारे राज्य का लिंगानुपात सुधारे.


5. अपराध नियंत्रण

राजस्थान में 2020 में 10404 लोगों की हत्या आपसी विवादों की वजह से हुई वहीं 464 हत्या पुरानी दुश्मनी की वजह से हुई. 2021 में इसमें 11.01% की बढ़ोतरी हुई है .

(सोर्स - द इंडियन एक्सप्रेस )

आओ कुछ ऐसी नीतियां बनाये जिससे इन हत्या जैसे अपराधों पर नियंत्रण किया जा सके.


6. बालश्रम

"सेव द चिल्ड्रन" की जून 2021 की एक अध्‍ययन रिपोर्ट में कहा गया है की 5 से 14 वर्ष की आयुवर्ग के भीतर देश के कुल बालश्रम का लगभग 10% हिस्सा राजस्थान में है .आओ कुछ ऐसी नीतियां बनाये ताकि बालश्रम को राजस्थान से पूर्ण रूप से ख़त्म किया जाए और राजस्थान के आने वाले भविष्य को सुरक्षित किया जा सके.


7. निरक्षरता

निरक्षरता में राजस्थान आज बहुत ऊपर है. आओ कुछ ऐसी नीतियां बनाएं की भविष्य में राजस्थान को साक्षर प्रदेश बना सके.


8. घरेलू हिंसा

घरेलू हिंसा किसी प्रदेश को खुशहाल बनाने के लिए एक अहम् मुद्दा है .आओ कुछ ऐसी नीतियां बनाएं जिससे की हम घरेलु हिंसा को राजस्थान से पूर्णतः खत्म कर सके .


9. जल संरक्षण

हमसे ज्यादा समझदार हमारे पूर्वज थे जो बारिश के पानी का संचय करके अपने लिए पूरे वर्ष की व्यवस्था करते थे .आओ कुछ ऐसी नीतियां बनाये की राजस्थान में अब कभी पानी की किल्लत न हो.


10. कृषि एवं किसान कल्याण योजना

अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत स्तम्भ किसी भी प्रदेश के लिए खेती है. आओ कुछ ऐसी नीतियां बनाये जिससे की राजस्थान भी आने वाले समय में कृषि और किसान का विकास हो सके.


11. महिला सुरक्षा

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 2 वर्षों में महिलाओं पर अत्याचार के कुल 8०००० से ज्यादा मामले प्रदेश के अलग अलग स्थानों पर दर्ज हुए इसमें 12००० से ज्यादा तो बस रेप और गैंगरेप के है. आओ कुछ ऐसी नीतियां बनाएं की हम महिलाओ पर होने वाले अत्याचारों को ख़त्म करके उन्हें सुरक्षित करे और प्रदेश को सशक्त और खुशहाल बनाएं .


12. वित्तीय व्यवस्था

आज भी राजस्थान पर 3.79 लाख करोड़ का क़र्ज़ हैं जिसके कारण प्रति व्यक्ति क़र्ज़ 5०००० से ज्यादा है, अगर इसी तरह चलता रहा तो आने वाले कुछ समय में राजस्थान की भी हालत श्रीलंका जैसी हो जाएगी जहाँ भुखमरी के हालात है.आओ कुछ ऐसी नीतियां बनाएं जिससे की यह क़र्ज़ 5०००० से 25००० तक पहुँच जाए.


प्रत्येक विषय पर से श्रेष्ठ 1०० प्रतिभागियों को जयपुर के J.E.C.C. में प्रतियोगिता में आने का मौका मिलेगा. इनमे से प्रत्येक विषय के श्रेष्ठ 10 प्रतिभागियों को राजस्थान के प्रमुख नेताओं के सामने अपनी नीतियां प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा और भविष्य में उनके साथ काम करने का मौका मिलेगा. उसमे से प्रत्येक विषय के सबसे श्रेष्ठ 12 प्रतिभागियों को 2 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा .